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रुद्र रूप Rudra Roop



🙏 यह गीत पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव (महादेव) को समर्पित है। हर हर महादेव! 🔱

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

महादेव मेरी मनोकामना पूर्ण करो,
बुरी राहों से मुझे दूर रखो।

तुझसे ही बीते काल खंड,
तुझसे ही मेरे चार छंद।

क्रोध, लोभ, द्वेष, कलेश
नहीं करते मेरे मन में प्रवेश।
अगर कर दूँ मैं कुछ आवेश,
मन शांत होता नाम से एक।

महादेव... महादेव... महादेव...

मैं जन्मा हूँ, अजनमा हूँ,
तेरे रूप को देखकर पनपा हूँ।
मेरी इच्छाएँ मर चुकी हैं,
स्वरूप मेरा बदल चुकी है।

देव दानव मेरे अंदर,
मानव सा न कोई शिखर।
बातें रखें हम प्रखर,
पुकारूँ तुझको दिन-रात भर।

महादेव... महादेव... महादेव...

हर एक कण-कण में बसता तू,
अपनी लीलाएँ रचता तू।
आकाशगंगा है तुझमें समाए,
ब्रह्मांड की तुझमें हर दिशाएँ।

भूले-भटके को राह दिखाए,
जो मन से कहे ॐ नमः शिवाय।
जो मन से कहे ॐ नमः शिवाय।

मैं हर वक्त तुझको पढ़ता हूँ,
तेरे बारे में समझता हूँ।
किसी को लगे तू विचित्र रूप,
कोई कहे श्मशान का भूत।

तेरे हैं भोले अनेकों रूप,
मिट जाए जो माँगे सबूत।
मिट जाए जो माँगे सबूत।

"मुझे पता है मेरा क्रोध विनाशक है,
महादेव की तरह बेहद घातक है।"

जब हो मेरा उदास मन,
मैं आता हूँ तेरी शरण।
बस कहता हूँ मैं मन ही मन,
करना चाहूँ अच्छे कर्म।

मैं चाहूँ तेरा रुद्र रूप,
बदल दो मेरा ये स्वरूप।
मिट जाए जीवन से अभिमान,
बन जाऊँ तेरा मैं प्रतिरूप।

बन जाऊँ तेरा मैं प्रतिरूप।

हर हर महादेव...
हर हर महादेव...


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