दर्द भरी रातों में, छुपा सकूँ न कहीं,
आँसुओं से सजी, मेरी ये कहानी।
जज़्बातों की गहराई, बयां कर न सकी,
बस एक छुपी हुई बात, दिल में बसी हुई।
रंग भरी छवियों में, छिपी वो आहटें,
बातें जो कही न गई, भावनाओं की लहरें।
कलम से उतरती, मेरी ये आवाज़,
दर्द भरी कहानी, अनगिनत अनकही बात।
सुनी राहों में, छिपी खुशबू की ख़ातिर,
छुपी वो ख्वाहिशें, जो कभी न मिल पाई।
इन अनसुनी बातों में, छुपी है एक दास्तान,
अनगिनत भावनाओं की, बुनी ये कहानी मेरी।
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